मोरूड़ो टेडो टेडो जोवे मोरूड़ो, कुण जाणे कै दुखड़ो है

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टेडो टेडो जोवे मोरूड़ो उदास घणो लागे मुखड़ों,सवेरों नयो जद उगणो है!

आपनो राजस्थान। टेडो टेडो जोवे मोरूड़ो

मोळो घणो है मंगळा आज कांई बात है
कांई बताऊ उदा यार मती पूछ थू ,घणा फोड़ा पड़े है!
बात तो बताव होयो कांई ऐड़ो?

काळे म्हारो घर तोड़ दियो मिनखा!यार जेसीबी लेय आया चार जणा अर वा कैर आळी झौ कडाय ली!कैवे हा तारबंदी करावा जणा अड़े ही बा कैर री झाड़ी! म्हारों दोस्त तितर वो फगळू उणरे तो नन्हा नन्हा बिछिया है!

आड़े पाड़े वा एक ही झौ बची ही! काळे पूरो दिन एक विलायती बबूल में बैठ अर बितायो! थांरी भाभी कै ही कि विलायती बावळिये में उणरा मौर(पीठ) घणा तपे!

जणा आज नयो घर देखण जाणो है भाई! राते अठे ही हो पाळ लारली खेजड़ी माते!

मोरूड़ो टेडो टेडो जोवे मोरूड़ो, कुण जाणे कै दुखड़ो है
ले चाल उदा नीचा तो कूदा

मूंडो तो थारो भी उतरियोड़ो है रे उदा तनै कांई दुखड़ो सतावे है
मती पूछ मंगळा जोजरी नदी रा हाळ किणू छाने कोनी! जहरीलो जोधपुर रो पाणी पावे है बारोमास !

थांरी बिनणी एक दिन तिरा मरती गुटको ले लियो इण केमिकल आळे पाणी रो! नयी नयी लायो हो पोटाय ने कि उठे जाळा रे मीठा पीलू आवे है थूं म्हारे सागे खुश रैवेला! पीहर में बा बापड़ी मगरे में रियोड़ी के जाणे ही तो पी लियो! लारले दो महिना सू बीमार है शरीर मातू सारा पांखड़ा उतर गया है ऐड़ो लागे उणरे कैंसर होगो है!मानखे रे फैलायोड़ो ओ गंदो पाणी म्हारे घणा दोस्तों ने भी घर छोड़ा दिया!
(ले चाल उदा नीचा तो कूदा) चलते हुए फिर दोनों बात जारी रखते हैं… आथूणे जावते मंगळे री आवाज आवाज म्हारे काना में पड़ रही….. मानखे आ कांई तेवड़ी है रे उदा क्यों खा-पी ने कुदरत रे लारे लागो है!
उदे अर मंगळे री दर्द भरी दांस्ता अजे पूरी कोनी होई आगे पढण ने मिळसी मित्रों

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