वायरस- ब्लैक फंगस को हराने में मदद करेंगी यह जानकारी, पढें

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कोरोना व ब्लैंक फंगस महामारी को हल्के में ना लेवें- आसिफ सर

वायरस- कोरोना व ब्लैंक फंगस महामारी को हल्के में ना लेवें- आसिफ सर

आर एन ए डिपेन्डड आर एन ए पोलीमरेज,

प्रोटीएज और स्पाइक प्रोटीन के संश्लेषण को रोक कोविड-19 को रोका जा सकता हैं

आर.के सैनी हरसौर– कोरोना वायरस एक वैश्विक चिंता का विषय हैं क्योंकि वायरस संक्रामक है। वर्तमान में मनुष्यों में भयावह श्वसन संक्रमण और गंभीर निमोनिया का कारण भी यही हैं। कस्बे के निवासी जीव विज्ञान व्याख्याता आसिफ सर से पत्रिका की कोरोना व ब्लैंक फंगस महामारी के बारें में विशेष साक्षात्कार। वर्तमान में मारवाड़ साइंस क्लासेस मकराना में कार्यरत।
तीन एकल रज्जूकी आर एन ए (एस एस आरए) बीटा कोरोनावायरस की पहचान की गई जिसमें तीव्र श्वसन सिंड्रोम (सार्स ) वायरस, मध्यपूर्व सिंड्रोम(मार्स )

वायरस और सार्स – कोव -2 शामिल हैं।

सार्स – 2 के पूर्ण लंबाई वाले जीनोम अनुक्रम की पहचान प्रकोप के प्रारंभिक चरण में 5 रोगियों से प्राप्त सार्स – कोव – 2 के जिनोम अनुक्रम लगभग एक दूसरे के समान थें। और सार्स- कोव के बारे में 79.5 प्रतिशत जीनोम अनुक्रम की पहचान की गई।

सार्स – कोव – 2 के पूरे जिन्होंने स्तर पर एक चमगादड़ कोरोना वायरस के समान 96.96 प्रतिशत हैं, जो इंगित करता है कि चमगादर इस वायरस का मध्य प्रति मेजबान हो सकता हैं।

कोरोना वायरस के कई लक्षण है जैसे-

गले में खराश, नाक बहना, खासी, छींकने, बुखार, वायरल नेत्र श्लेष्मा शोध, गंध की हानि, स्वाद की हानि और गंभीर निमोनिया। संक्रमण की उच्च दर हैं, जिसके परिणाम स्वरूप हैं। जिसके परिणाम स्वरूप सूजन और तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम (आडर्स ) सार्स – कोव -2 द्वारा संक्रमण का प्रमुख कारण बना।

मृत्यु दर का प्रमुख कारण निमोनिया, माध्यमिक संक्रमण और हृदय संबंधी घटनाएं हैं।

गंभीर संक्रमण से स्वस्थ हुए एक मृत्यु के मामले में सार्स -कोव- 2 के साथ जांच की गई और कोविड – 19 पैथोलॉजिकल विशेषताओं में एस – आर एन ए और मार्स में देखी गई विशेषताओं से काफी हद तक मिलता-जुलता हैं।

मध्यपूर्व सिंड्रोम (मार्स ) कोरोनावायरस संक्रमण-

हाल ही के अध्ययन से पता चला है कि रिमेडेसिविर और क्लोरोक्वीन इन विट्रो में सार्स – कोव-2 की प्रतिकृति को कुशलता से रोका जा सकता हैं। और इससे आज इलाज भी किया जा रहा हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने इसका सर्वप्रथम सफल इलाज किया और यह पाया कि आप किसी भी प्रकार का न्यूक्लिक पदार्थ नहीं बचा है, जो अच्छे संकेत हैं। सीरम और ओरोफैरिंजीयल स्वाब नमूनों से सार्स – कोव -2 का एसिड और कोई जीन उत्परिवर्तन नहीं था।

जानलेवा ब्लैकफंगस –

पत्रिका- म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस ?
उतर – म्यूकर माइकोसिस फफूद(फंगी) या फंगस/कवक के कारण होता हैं।

-यह फंगस या कवक हर जगह होती है मिट्टी से लेकर हवा तक, स्वस्थ इंसान की नाक, बलगम में भी।

पत्रिका- शरीर में कैसे प्रवेश करता हैं, ब्लैक फंगस ?
उतर- नाक, मिट्टी के संपर्क, खून के जरिए, त्वचा के कटने पर।

पत्रिका- ब्लैक फंगस के लक्षण क्या है ?
उतर- नाक बंद होना, नाक से खून निकलना, सिर दर्द, चेहरे पर सूजन, धुंधला दिखाई देना, दांत में दर्द,

खून की उल्टी, आंखों की रोशनी जाना आदी।

पत्रिका- ब्लैक फंगस से खतरा किसे ज्यादा ?
उतर- कोरोना मरीज जो डायबिटीज से पीड़ित हैं, कोरोना मरीज जिन्हें स्टेरॉइड्स दिए गए,

रोग प्रतिरोधक क्षमता या कमजोर इम्यूनिटी, शुगर लेवल बढ़ने पर।

पत्रिका- ब्लैक फगंस से कैसे बचा जाए ?
उतर- धूल भरी जगह मास्क लगाकर जाएं, मिट्टी से जुड़ा काम दस्ताने पहनकर करें,

साफ-सफाई पर्सनल हाइजीन का ख्याल रखें, शुगर लेवल जांच के रहें रहें।

आसिफ सर, हरसौर निवासी (व्याख्याता जीव विज्ञान)
वर्तमान में मारवाड़ साइंस क्लासेस मकराना में कार्यरत।

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